रत्न धारण मुहूर्त (सन् 2019-20)

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जिस प्रकार पत्थर अपने आप में पत्थर ही होता है, परंतु वह शुभ मुहूर्त में अभिमंत्रित होकर देवत्व को प्राप्त होता है। ठीक उसी प्रकार मणि माणिक्य तथा रतन आदि भी पत्थर रूप ही होते हैं परंतु उनमें हमारे वैदिक मंत्रों के द्वारा विशेष प्राण प्रतिष्ठा करके विशेष शक्ति जागृत की जाती है। जिस समय में यह हमें लाभ पहुंचा सकती है उसे मुहूर्त कहा जाता है। नीचे नवग्रहों के 9 मुख्य रतन और उनके उप रतन को धारण करने की विधि तथा मुहूर्त बताया गया है। आप भी इस समय में बताए गए रत्नों को धारण करके लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

सूर्य का रत्न माणिक्य और उसके उपरतन धारण करने का शुभ मुहूर्त   

सन् – 2019

3 मार्च  सुबह 8:59  तक, 5 मई दोपहर 4:24 के बाद, 2 जून सूर्योदय से, 30 जून सुबह 10:07 तक, 7 जुलाई रात 8:13 के बाद, 4 अगस्त सूर्योदय से, 1 सितंबर सुबह 11:10 तक, 6 अक्टूबर दोपहर 3:03 के बाद, 3 नवंबर सूर्योदय से, 1 दिसंबर सुबह 9:40 तक,

सन् – 2020

1 मार्च सूर्योदय से

चंद्रमा का रत्न मोती और उसके उपरतन धारण करने का शुभ मुहूर्त   

सन् – 2019

4 मार्च दोपहर 12:10 तक, 6 मई शाम 4:36 के बाद, 3 जून सूर्योदय से, 1 जुलाई सुबह 9:24 तक, 5 अगस्त सूर्योदय से, 2 सितंबर सुबह 8:32 तक, 7 अक्टूबर शाम 5:25 के बाद, 4 नवंबर सूर्योदय से, 2 दिसंबर सुबह 11:43 तक, 

सन् – 2020

2 मार्च सुबह 8:55 के बाद,

मंगल का रत्न मूंगा और उसके उपरतन धारण करने का शुभ मुहूर्त 

सन् – 2019

5 मार्च दोपहर 3:16 तक, 7 मई शाम 4:27 के बाद, 4 जून सूर्योदय से, 2 जुलाई सुबह 8:14 तक, 9 जुलाई शाम 5:15 के बाद, 6 अगस्त सूर्योदय से, 3 सितंबर सुबह 6:24 तक, 5 नवंबर सूर्योदय से, 3 दिसंबर दोपहर 2:16 तक, 

सन् – 2020

3 मार्च सुबह 10:31 के बाद,

बुद्ध का रत्न पन्ना और उसके उपरतन धारण करने का शुभ मुहूर्त   

सन् – 2019

27 मार्च सुबह 8:18 तक, 29 मई रात्रि 9:17 के बाद, 26 जून सूर्योदय से, 24 जुलाई दोपहर 3:41 तक, 28 अगस्त रात्रि 10:55 के बाद, 25 सितंबर सुबह 8:52 के बाद, 23 अक्टूबर दोपहर 3:12 तक, 30 अक्टूबर रात्रि 10:00 के बाद, 27 नवंबर सुबह 8:12 के बाद, 25 दिसंबर शाम 4:41 तक, 

सन् – 2020

26 फरवरी रात 10:08 के बाद

गुरु का रत्न पुखराज और उसके उपरतन धारण करने का शुभ मुहूर्त   

सन् – 2019

7 मार्च सूर्योदय से, 9 मई दोपहर 3:17 के बाद, 6 जून सूर्योदय से, 11 जुलाई दोपहर 3:55 के बाद, 8 अगस्त सूर्योदय से, 7 नवंबर सुबह 9:15 के बाद, 5 दिसंबर सूर्योदय से, 

सन् – 2020

5 मार्च सुबह 11:36 के बाद

शुक्र का रत्न हीरा और उसके उपरतन धारण करने का शुभ मुहूर्त   

सन् – 2019

29 मार्च सुबह 12:40 तक, 29 मार्च दोपहर 2:40 तक, 28 जून सुबह 9:11 के बाद, 26 जुलाई शाम 6:56 तक, 30 अगस्त शाम 5:11 के बाद, 27 सितंबर सूर्योदय से, 25 अक्टूबर सुबह 11:00 बजे तक, 29 नवंबर सुबह 7:33 के बाद, 27 दिसंबर शाम 5:30 तक,

सन् – 2020

शनि का रत्न नीलम और उसके उपरतन धारण करने का शुभ मुहूर्त   

सन् – 2019

13 अप्रैल सुबह 8:58 के बाद, 11 मई दोपहर 1:13 तक, 15 जून सुबह 10:00 के बाद, 13 जुलाई दोपहर 4:27 तक, 14 सितंबर रात 10:55 के बाद, 12 अक्टूबर सूर्योदय से, 9 नवंबर दोपहर 2:55 तक,

सन् – 2020

11 जनवरी दोपहर 1:30 के बाद, 8 फरवरी सूर्योदय से, 7 मार्च सुबह 9:05 तक, 14 मार्च दोपहर 12:20 तक,

राहु का रत्न गोमेद और उसके उपरतन धारण करने का शुभ मुहूर्त   

सन् – 2019

6 मार्च शाम 6:12 तक, 8 मई दोपहर 4:00 के बाद, 5 जून सूर्योदय से, 3 जुलाई सुबह 6:30 तक, 6 नवंबर सूर्योदय से, 4 दिसंबर शाम 5:09 तक, 

सन् – 2020

4 मार्च सुबह 11:23 के बाद,

केतु का रत्न लहसुनिया और उसके उपरतन धारण करने का शुभ मुहूर्त   

सन् – 2019

28 मार्च सुबह 10:10 तक, 27 जून सुबह 7:43 के बाद, 25 जुलाई शाम 5:39 तक, 26 सितंबर सुबह 6:40 के बाद, 24 अक्टूबर दोपहर 1:18 तक, 28 नवंबर सुबह 7:33 के बाद, 26 दिसंबर शाम 4:50 तक,                                                         

सन् – 2020

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