पंचकों में कौन से 5 काम नहीं करने चाहिए ?

panchak

 

यूं तो हमारे सामाजिक जीवन में बहुत सारे भ्रम बने रहते हैं। इन्हीं भ्रमों में से एक भ्रम पंचकों को लेकर है। कोई भी बात आती है तो हमेशा यही बात निकल कर आती है कि

अभी पंचक लगे हुए हैं।

यह काम पंचकों में नहीं करते ?

फलाना काम पंचक में नहीं करते।

इस प्रकार के बहुत सारे वाक्य बहुत बार सुनने को आते हैं। जैसे कि अभी कुछ समय पहले ही नवरात्रि आरंभ हुए। और जिस दिन नवरात्र आरंभ हुआ उस दिन पंचक लगे हुए थे, तो एक व्यक्ति पंडित जी से पूछने के लिए गए की नवरात्रि कब से शुरू करने हैं, तो उन्होंने बताया कि 28 29 तारीख को पंचक लगे हुए हैं। आप ऐसा कीजिए 30 तारीख से नवरात्र शुरु कीजिए। हैरानी की बात है, कि पंचकों का और नवरात्रे शुरू होने का आपस में क्या लिंक है ?

पंडित जी ने जो मुहूर्त नवरात्रि शुरू करने के लिए बताया, वह नवरात्रों का तीसरा दिन था। अब वह व्यक्ति पहले ही कंफ्यूज था और वह और अधिक कंफ्यूज हो गया कि अब मैं क्या करूं ? अगर व्रत कम रखता हूं, तो भी मन में शंका है कि ऐसे तो मैं तो तृतीया से व्रत शुरू कर पाऊंगा। जब की व्रत शुरू प्रतिपदा से हो जाते हैं।

अब आप खुद सोचिए कि वह बेचारा क्या करे ? गया तो था बेचारा अपनी शंका का समाधान करने इसके बजाय मन में चार शंकाएं और ज्यादा घुसाकर आ गया।

तो चलिए देखते हैं कि हमारे शास्त्र क्या कहते हैं पंचको के बारे में, क्या है पंचक ?

जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में विचरण करते हुए धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्व भाद्रपदा, उत्तरा भाद्रपदा और रेवती इन नक्षत्रों में से विचरण करता है। उन्हें पंचक कहा जाता है। क्योंकि एक नक्षत्र लगभग 24 घंटे चलता है। इसी प्रकार से 5 नक्षत्र लगभग 5 दिन चलते हैं और इन्हीं 5 दिनों में से चंद्रमा का गुजरना पंचक कहलाता है। आइए देखते हैं शास्त्र क्या कहते हैं ? इन पंचकों के बारे में, इन पंचकों में क्या नहीं करना चाहिए ?

हमारे शास्त्रों में पांच काम पंचकों में करने के लिए स्पष्ट रूप से मना किया गया है।

1    जिस समय पंचक लगे हुए हैं। उस समय में घास लकड़ी और इंधन आदि इकट्ठे नहीं करने चाहिए क्योंकि पंचकों में घास, लकड़ी आदि का संग्रह करने से आग लगने का भय बना रहता है।

2    पंचक के समय में घर पर छत अथवा लेंटर आदि नहीं डालना चाहिए। ज्योतिष के अनुसार पंचकों में लेंटर अथवा छत डालने से उस घर में धन हानि और क्लेश बना रहता है व मकान आदि गिरने के योग बनते हैं। मकान मालिक उस मकान में सुखपूर्वक नहीं रह पाता।

3    पंचक के समय में पलंग, चारपाई, डबल बैड आदि कोई भी शयन से संबंधित वस्तुएं लाना, खरीदना खतरे को न्योता देने जैसा है। ऐसे बिस्तर पर सोने वाला इंसान हमेशा बीमार रहता है। उसके शरीर में दर्द, मानसिक पीड़ा, कलह क्लेश, मनमुटाव, चिड़चिड़ापन आदि बन जाता है।

4    पंचक के समय में दक्षिण दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए, क्योंकि दक्षिण दिशा, यम की दिशा मानी गई है। पंचक के समय में दक्षिण दिशा में यात्रा करने से भयंकर दुर्घटना होने के आसार बनते हैं।

5    पंचक के समय में पांचवा और आख़िरी निषेध काम है। शव का अंतिम संस्कार करना। जी हां, पंचक के समय में यदि किसी की मृत्यु हो जाती है, तो शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाता। अब चूंकि पंचक तो 5 दिन लगातार चलते हैं, तो 5 दिन तक तो हम शव को नहीं रख सकते, अतः उसके लिए हमारे शास्त्रों में पंचक शांति का विधान बताया गया है।

पंचक शांति में डॉभ यानी कुशा के पांच पुतले बनाकर शव के ऊपर एक छाती, दो हाथ और दो पैर के ऊपर रखकर विधि विधान से उनका पूजन करने के बाद ही शव का अंतिम संस्कार किया जाता है। यदि कोई व्यक्ति हमारे शास्त्रों की आज्ञा का उल्लंघन करके शव का अंतिम संस्कार बिना पंचक शांति कराए ही कर देता है, तो उसके परिवार, गांव, पड़ोस, मित्र, बंधु या जो भी उसके निकटतम व्यक्ति हैं। उनमें से किसी की भी पांच दिनों के अंदर पांच मृत्यु हो जाती हैं। इस प्रकार के घटित घटना मैंने स्वयं अपनी आंखों से कई बार देखी है, अतः हमारे शास्त्रों में बताई हुई सभी बातें पूर्णतः सत्य हैं।

आप भी हमारे धर्म शास्त्रों में लिखी हुई बातों का अपने जीवन में अनुसरण करके, लाभ उठाएं।

Panchak / पंचक के बारे में यह artical यदि आपको पसंद आया हो, तो इसे like और दूसरों को share करें, ताकि यह जानकारी और लोगों तक भी पहुंच सके। आप Comment box में Comment जरुर करें। इस subject से जुड़े प्रश्न आप नीचे Comment section में पूछ सकते हैं।

 

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About the Author : Pandit Sunil Vats

35 Comments

  1. Surbhi January 18, 2018 at 4:29 pm - Reply

    Can i start monday fast during panchak in January 2018. Please help me .

    • Pandit Sunil Vats January 21, 2018 at 4:55 pm - Reply

      ओम नमः शिवाय,
      सुरभि जी,
      आप पंचकों में सोमवार का व्रत शुरू कर सकती हैं। इसमें कोई परेशानी वाली बात नहीं है। पंचकों में पूजा पाठ करना अशुभ नहीं माना जाता है। केवल ऐसे पांच काम है जो पंचकों में नहीं किए जाते। उसके लिए हमारा वीडियो है आप उसे देख सकती हैं।

      ओम नमः शिवाय
      पंडित सुनील वत्स

  2. Swathi March 5, 2018 at 1:42 pm - Reply

    My daughter was born during Panchak. It was on June 22, 2011 at 8:05am. Inka Nakshatra purva badra. Do I need to do any puja ? Uske naam pe ?

    • Pandit Sunil Vats March 6, 2018 at 4:15 am - Reply

      ओम नमः शिवाय,
      स्वाति जी,
      आपने अपनी बेटी की डिटेल्स तो दी हैं। परंतु उसमें उनका प्लेस ऑफ बर्थ नहीं लिखा इसलिए कुंडली को मैं चेक नहीं कर पाया परंतु जो आपके दो प्रश्न हैं उनका उत्तर मैं यहां दे रहा हूं। जैसा कि आपने बताया है कि आपकी बच्ची का जन्म पंचकों में पूर्वभाद्रपदा नक्षत्र में हुआ है। पूर्वभाद्र नक्षत्र गंड मूल नक्षत्रों की श्रेणी में नहीं आता है अर्थार्थ घात नक्षत्र नहीं है और पंचकों में जन्म होने का कोई भी अशुभ असर नहीं होता। जैसा की मैंने पंचकों वाले वीडियो में बताया है कि उसमें केवल पांच काम ही निषेध और शुभ माने गए हैं। उसमें किसी के जन्म को लेकर के कोई भी अशुभ प्रभाव नहीं होता है। अतः आपको अपनी बेटी के लिए इस तरीके की किसी पूजा की कोई आवश्यकता नहीं है।
      ओम नमः शिवाय
      पंडित सुनील वत्स

  3. rashmi June 14, 2018 at 9:32 am - Reply

    Hello, my daughter born on 9 may 2018 time 11.45 at chalisgaon maharashtra. We have done a planned c section..her nakshatra is shatabhisha.. Panchak was there in that time.. Is there any harm for her.. Pls sugest any remedies.. Thanks in advance

    • Pandit Sunil Vats June 28, 2018 at 11:30 am - Reply

      ओम नमः शिवाय
      रश्मि जी
      पंचक में पैदा होने वाले बच्चे को किसी प्रकार की कोई पूजा की आवश्यकता नहीं है। क्योंकि पंचकों में जो पांच काम निषेध बताए गए हैं उसमें बच्चे के जन्म होने की कोई दिक्कत वाली बात नहीं है।
      हां मैंने इनकी मैंने बच्चे की कुंडली जरूर चेक की है। आपके बच्चे की कुंडली में लग्न का मालिक चंद्रमा अष्टम भाव में बैठा हुआ है और जन्म के समय इनकी राहु में राहु की अंतर्दशा चल रही है। लग्न का स्वामी अष्टम भाव में बैठने से वैसे तो बच्चा दीर्घायु होता है। परंतु उसको सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार यानी कि मौसम से संबंधित होने वाली बीमारियां आने के ज्यादा चांसेस होते हैं। नेगेटिव सोचना, और नकारात्मक विचार आना, रोगों से लड़ने की ताकत कम होना आदि दिक्कतें जरूर आती हैं।इसलिए आप चंद्रमा के बीज मंत्र का जाप जब भी बच्चे को कोई समस्या आए तो एक कटोरी में पानी भरकर उसमें देखते हुए चंद्रमा के बीज मंत्र का जाप करें और समय-समय पर वह पानी बच्चे को पिलाते रहें। बाकी अभी तो बच्चा बहुत छोटा है। बच्चे की कुंडली में कुछ अन्य दोष है जो मैं आपको पहले ही बता देता हूं। इसकी कुंडली में बुध नीच है जो कि छोटे भाई बहन के घर का मालिक है, खुशी में गम, अज्ञात शक्ति बाधा और मारक दोष भी बच्चे की कुंडली में बनता है। हलाकि अभी तो बच्चा बहुत छोटा है। समय आने पर आप इनसे संबंधित उपाय अवश्य कर लीजिएगा और पंचक का आप अपने मन में कोई विचार मत लाइए। यह बच्चे के लिए किसी प्रकार से नुकसानदेह नहीं है।
      ओम नमः शिवाय
      पंडित सुनील वत्स

  4. Swapnil Bhosale August 29, 2018 at 6:00 am - Reply

    My father dead on Saturday 25 August 2018 at 8.14 pm
    Is there any problem of panchak on that day or time?
    Plz suggest

    • Pandit Sunil Vats August 29, 2018 at 7:47 am - Reply

      ओम नमः शिवाय
      स्वप्निल जी
      बहुत खेद की बात है कि आपके पिताजी का देहांत हो गया है। परमात्मा उनकी आत्मा को शांति दे। श्रीमान जी 25 अगस्त 2018 को रात 11:14 पर पंचक आरंभ होते हैं। जैसा कि आपने बताया कि इस समय से पहले ही आपके पिताजी का प्राणांत हो चुका था। मुख्य बात है कि पंचकों में मुर्दे को जलाया नहीं जाता। मृत्यु चाहे पंचकों में हो या नहीं हो उससे कोई फर्क नहीं पड़ता। परंतु असल बात है कि पंचकों में मृतक को जलाना निषेध होता है। अब क्योंकि आपके पिताजी की मृत्यु तो पंचकों में नहीं हुई है परंतु आपने अग्नि संस्कार अगले दिन यानी कि 26 अगस्त को किया होगा और उस समय पंचक लगे हुए थे। पंचकों में दाह संस्कार किया है। अतः इसका अशुभ प्रभाव व्यक्ति के कुल-खानदान, परिवार पशु या मनुष्य के ऊपर पड़ता है। अतः इसकी शांति होनी बहुत आवश्यक है। कृपया विधि-विधान से पंचक शांति अवश्य करें।
      हर हर महादेव
      पंडित सुनील वत्स

  5. Seema jha September 8, 2018 at 3:54 am - Reply

    My son born on 23/8/2018 at 10:40 in Guwahati Assam. Please see his astrology.

    • Pandit Sunil Vats September 10, 2018 at 8:01 am - Reply

      ओम नमः शिवाय
      सीमा जी
      आपके बेटे की कुंडली मध्यम है। बेटे का जन्म ना तो गंड मूल नक्षत्र में हुआ है और ना ही आपका बेटा मांगलिक है। यदि कोई भी आपके बेटे को मांगलिक बताता है तो आप उसे बोल सकती हैं कि इसकी कुंडली में मंगल उच्च का होकर बैठा हुआ है। उच्च मंगल कुंडली में बैठा हुआ होता है तो मांगलिक दोष नष्ट हो जाता है। इस समय सूर्य की महादशा बेटे के ऊपर चल रही है। सूर्य कुंडली में लाभ भाव में बहुत सुंदर होकर बैठा हुआ है। रोग-शोक को लेकर के कुछ बाधा 21 फरवरी 2019 तक बनती हैं। बाकी आपके बेटे की कुंडली में गुरु लग्न में काफी मजबूत स्थिति में है। यहां पर मैं बताना चाहूंगा कि जो जो ग्रह चाल अशुभ है बच्चे के लिए ताकि आप पहले से ही उपाय कर सकें। आपके बेटे की कुंडली में पति पत्नी का मालिक ग्रह शुक्र बारहवें घर में नीच होकर बैठा हुआ है। अतः पति पत्नी सुख में कमी आने के योग बनेंगे। शुक्र से संबंधित बीज मंत्र का 500000 की संख्या में जाप करें। आपके बेटे की कुंडली में अज्ञात शक्ति बाधा का दोष बनता है। दूसरे शब्दों में आंशिक पितृदोष भी कहा जाता है। इससे संबंधित भी उपाय आपको करना होगा खुशी में गम तथा उत्पीड़न दोष का उपाय कुंडली के चौथे घर में बन रहा है। अतः खुशी में गम मारक दोष और उत्पीड़न दोष का उपाय अवश्य कीजिएगा। बाकी सब अच्छा है। दीर्घायु रहेगा। जो दोष मैंने बताए हैं। जीवन में जब कभी भी कोई अड़चन या रूकावट आएगी। सिर्फ इन्हीं दोषों के कारण आएगी। बाकी सब बाबा महाराज भला करेंगे।
      हर हर महादेव
      पंडित सुनील वत्स

  6. Aaradhya chelani September 20, 2018 at 12:03 pm - Reply

    Meri due date 22 Sept2018 ki hei jab se panchak lag rhe hein. Kya is samaj janam hone pr koi pareshani ho skti hei kya??

    • Pandit Sunil Vats September 29, 2018 at 2:15 pm - Reply

      ओम नमः शिवाय
      पंचकों के समय में जन्म होने पर किसी प्रकार की कोई भी बाधा नहीं है।
      हर हर महादेव
      पंडित सुनील वत्स

  7. rohit sharma October 2, 2018 at 4:17 pm - Reply

    my wife due date in pregnency is 11/11/2018 . please check this time for child birth or please suggest a operation time from 7/11 to 15/11

    • Pandit Sunil Vats October 16, 2018 at 12:43 pm - Reply

      ओम नमः शिवाय
      रोहित जी
      आपने जो प्रश्न पूछा है इसके लिए आप हमारे कार्यालय के नंबरों पर संपर्क करें।
      7838813444
      7838813555
      7838813666
      7838813777
      वहां से आपको इसके बारे में जल्दी ही रिप्लाई दिया जा सकेगा।

  8. Tilak Ram Sinha November 19, 2018 at 10:31 am - Reply

    Acharya ji mai dawakhana kholna Chahta Hoon Mujhe Sahi Din tithi Bataye

    • Pandit Sunil Vats December 9, 2018 at 4:05 pm - Reply

      श्रीमान जी, मुहूर्त के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करने के लिए आप हमारे कार्यालय में कॉल करें। वहां से आपको तुरंत मुहूर्त के बारे में बता दिया जाएगा।
      7838813444
      7838813555
      7838813666
      7838813777

    • मोहन March 11, 2019 at 7:22 am - Reply

      बच्चे का ज्वालामुखी योग में पंचमी को भरणी नक्षत्र में जन्म हुआ है ।
      कुछ उपाय करना होगा तो बताएं प्लीज़ ।

      • Pandit Sunil Vats March 28, 2019 at 2:45 pm - Reply

        ओम नमः शिवाय
        मोहन जी
        जैसा कि आप ने बताया कि आपके बेटे का जन्म ज्वालामुखी योग में हुआ है तो कृपया आप भरनी नक्षत्र के मंत्र का पंचमी के दिन श्रद्धा अनुसार जाप करें। जाप करने के पश्चात श्रद्धा अनुसार नमक, घी, रूई, दही, कपूर बच्चे के ऊपर से उतार कर मंदिर में दान करें। साथ ही महामृत्युंजय मंत्र का भी श्रद्धा अनुसार जाप करें। लाभ रहेगा।

  9. Pankaj Joshi December 22, 2018 at 4:46 pm - Reply

    My daughter was born on 30 January 2017 in Haldwani, Uttarakhand. Panchak was there at that time. Is there any problem due to panchak.
    I came to know if there is baby girl’s birth during panchak, next coming baby will again be a girl. Please suggest.

  10. Aditi March 28, 2019 at 12:47 pm - Reply

    My sister was born on 11.05.1999 at 7:05 pm in Rewari Haryana
    She has problem of health issues

    • Pandit Sunil Vats December 8, 2019 at 5:14 pm - Reply

      आपकी बहन की कुंडली में संपातक दोष व रोग शोक आदि से संबंधित दोष बना हुआ है। इनकी कुंडली में शनि ग्रह नीच अवस्था का है तथा कर्जा दुश्मनी बीमारी के घर में गुरु और चंद्रमा बैठे हुए हैं। चंद्रमा बैठे होने के कारण से रोगों से लड़ने की ताकत व्यक्ति के अंदर कम हो जाती है। अज्ञात शक्ति बाधा का भी दोष इनकी कुंडली में बनता है।
      26 दिसंबर को सूर्य ग्रहण के अवसर पर संपातक दोष का उपाय कर सकते हैं। उपाय के बारे में विस्तार से जानकारी आप हमारे कार्यालय से पता कीजिए और संपातक दोष से संबंधित मेरा वीडियो आप यूट्यूब पर देख सकते हैं। बाकी इनकी वैदिक रावण संहिता कुंडली बनवा कर रोग शोक निवारण के लिए उपाय कीजिएगा।
      हर हर महादेव
      पंडित सुनील वत्स

  11. mahi bisht April 12, 2019 at 9:23 am - Reply

    My Daughter was born on 13th Dec 2018 at 6:12 pm in delhi.. she was born in panchak.. sb kehte h ki jo bacche panchak me hotey h unke bd k 5 same hote h.. mean agar ladka hua to 5 ladke or agar ladki hui to 5 ladkiya.. kya esa hota h sach me.. plz tell

    • Pandit Sunil Vats December 8, 2019 at 5:10 pm - Reply

      ओम नमः शिवाय
      पंचकों में बेटी होने से पांच आने वाले समय में पांच बेटियां ही होंगी या पंचकों में बेटा होने से आने वाले समय में पांच बेटे होंगे। यह सब भ्रम है और यह सब मिथ्या है। अतः ऐसी कोई भी बात नहीं है। केवल जो पोस्ट में पांच काम निषेध बताए गए हैं। उसी में पंचक का अशुभ असर माना जाता है। बाकी किसी भी चीज में इसका कोई भी विचार नहीं होता। अतः आपको इन सब के लिए डरने और घबराने की आवश्यकता नहीं है।
      हर हर महादेव
      पंडित सुनील वत्स

  12. Pooja June 9, 2019 at 9:24 pm - Reply

    Kiya pachako mai koi bacha janme toh us insan ke agale panch bache bhi vahi pada hoge

    • Pooja October 17, 2019 at 4:34 am - Reply

      Pt. Ji meri beti ki date of birth 16/06/2019 aur time 4:52 pm ,place Prayagraj,u.p. hai…kripya uski kundli ke dosh va doshon ka nivaran bataiye.

      • Pandit Sunil Vats December 8, 2019 at 4:46 pm - Reply

        ओम नमः शिवाय
        पूजा जी
        आपकी पुत्री की कुंडली में लग्न में गजकेसरी योग बनता है। परंतु यह पूर्ण रूप से फलीभूत नहीं हो पाएगा। क्योंकि एक तो गुरु वक्री अवस्था का है। दूसरा चंद्रमा भी नीच है।
        आपकी पुत्री की कुंडली में शुक्र बहुत अच्छे स्थान पर बैठा हुआ है। परंतु चार ग्रह मंगल, बुध, राहु, सूर्य यह चार ग्रह मृत्यु स्थान अर्थात कष्ट के घर में बैठे हुए हैं। अच्छी बात यह है कि इस समय में से किसी की भी विशेष दशा आदि नहीं चल रही है। परंतु आने वाले समय में बच्ची को कष्ट आदि की प्राप्ति हो सकती है। इस बालिका की कुंडली में खुशी में गम का दोष, संपातक दोष, अज्ञात शक्ति बाधा का दोष व पितृदोष बनते हैं। इस बालिका का जन्म जयेष्ठा नक्षत्र के दूसरे चरण में हुआ है। अर्थात यह गंड मूल नक्षत्र में भी पैदा हुई है। अतः इस बालिका की पूरी जन्मकुंडली यानी वैदिक रावण संहिता बनवाकर उसमें दिए हुए उपाय अवश्य कीजिएगा। जीवन बहुत लंबा होता है। फलादेश भी बहुत लंबा है और उपाय करने में भी व्यक्ति को समय लगता है अतः अभी बालिका छोटी है। इसलिए समय रहते इसके कुटिल ग्रहों का उपाय अवश्य कर लीजिएगा।
        हर हर महादेव
        पंडित सुनील वत्स

    • Pandit Sunil Vats December 8, 2019 at 5:07 pm - Reply

      जी नहीं, ऐसा कुछ नहीं होता है। इस बारे में बहुत सारा भ्रम हमारे समाज में फैला हुआ है कि पंचकों में यदि पुत्री का जन्म हो जाएगा तो आगे 5 पुत्री ही होंगी। यह सब झूठ है। आपको पोस्ट में जो पांच काम निषेध बताए गए हैं। केवल उसी के लिए पंचकों में मना है। बाकी सभी कार्य व्यक्ति कर सकता है।

  13. Ashish Sharma June 27, 2019 at 1:06 pm - Reply

    Kya main panchak me mobile, laptop, fridge jaise electronic device kharid sakta hun ya nshi?

    • Pandit Sunil Vats December 8, 2019 at 5:03 pm - Reply

      बिल्कुल खरीद सकते हैं। इस प्रकार के उपकरण आदि खरीदने में पंचकों में किसी प्रकार की कोई बाधा नहीं है। केवल जो पोस्ट में आपको पांच काम करने के लिए मना किया गया है। उसी में पंचक ओं का दोष लगता है। बाकी किसी चीज में पंचको के बारे में विचार करने की आवश्यकता नहीं है।
      हर हर महादेव
      पंडित सुनील वत्स

  14. Swatthi November 12, 2019 at 10:19 am - Reply

    Acharya ji meri unmarried nanad 3rd August 2018 morning ko death hui unhone suicide kiya tha unka dahsanskar ussi din kiya kya koi panchak dosh hoga Abhi more than one year ho gaya hai, agar hai toh ab kya Karna chahiye

    • Pandit Sunil Vats December 8, 2019 at 4:39 pm - Reply

      स्वाति जी 3 अगस्त 2018 को पंचक लगभग दोपहर 2:30 बजे तक रहे हैं। यदि आपने अपनी ननद का अंतिम संस्कार इस समय से पहले किया है तो अवश्य ही आपको पंचको की शांति करवा लेनी चाहिए। पंचको की शांति का विधान लंबा चौड़ा होता है। जो कि यहां पर बताना बहुत मुश्किल है। इसके लिए या तो आप किसी योग्य विद्वान ब्राह्मण से बातचीत कर लीजिए अथवा आप हमारे कार्यालय से संपर्क कीजिएगा। वहां से आपको जानकारी प्रदान की जाएगी। और यदि आपने अपनी ननद का अंतिम संस्कार दोपहर 2:30 बजे के बाद किया है तो उस समय पंचक समाप्त हो जाते हैं। फिर आपको पंचको से संबंधित कोई उपाय आदि करवाने की आवश्यकता नहीं है। क्योंकि फिर कोई दोष नहीं लगेगा।
      इसके अलावा जैसा कि आपने बताया कि आपकी ननंद अनमैरिड होकर उन्होंने सुसाइड किया है तो अवश्य ही आपके घर में प्रेत दोष भी बनेगा। इसके बारे में विस्तार से जानकारी आप हमारे कार्यालय से प्राप्त कर लीजिएगा और इसका उपाय भी आपको अवश्य ही करवा लेना चाहिए।
      हर हर महादेव
      पंडित सुनील वत्स

  15. Parul joshi November 25, 2019 at 11:00 am - Reply

    Meri beti ka janm 1 may 2019 ko ghaziabad m hua..meri beti panchak me hui hai..kya meri agli santan bhi beti hogi kyunki kisi pandit ne kaha ki panchak me putri ho to panch putri k yog hote hai..kya meri beti k kundli m bhai ka sukh hai?

    • Pandit Sunil Vats December 8, 2019 at 4:30 pm - Reply

      ओम नमः शिवाय
      पारुल जी
      पंचकों में बेटी होने से पांच आने वाले समय में पांच बेटियां ही होंगी या पंचकों में बेटा होने से आने वाले समय में पांच बेटे होंगे। यह सब भ्रम है और यह सब मिथ्या है। अतः ऐसी कोई भी बात नहीं है। केवल जो पोस्ट में पांच काम निषेध बताए गए हैं। उसी में पंचक का अशुभ असर माना जाता है। बाकी किसी भी चीज में इसका कोई भी विचार नहीं होता। अतः आपको इन सब के लिए डरने और घबराने की आवश्यकता नहीं है। आपकी बेटी की कुंडली में भाई के योग के बारे में कृपया हमारे कार्यालय से अपॉइंटमेंट लेकर जानकारी प्राप्त कर लीजिएगा।
      हर हर महादेव
      पंडित सुनील वत्स

  16. Kamlesh jha December 5, 2019 at 5:16 pm - Reply

    Mere beti ka janma December 5,2019 ko 3:20 PM par samastipur, bihar me hua hai. Is samay panchak v hai. Kya karein?

    • Pandit Sunil Vats December 8, 2019 at 4:27 pm - Reply

      ओम नमः शिवाय
      श्रीमान जी
      जैसा कि आपने पोस्ट में पढ़ा ही होगा कि पंचकों में कौन कौन से 5 काम निषेध होते हैं। इसीलिए यहां मैं आपको विशेष तौर पर बताना चाहूंगा कि यदि किसी व्यक्ति का जन्म पंचकों में होता है तो पंचकों का किसी भी तरह का कोई बुरा असर उस व्यक्ति के ऊपर नहीं आता। अतः आपको इस जैसा कि आपने बताया कि आपकी बेटी का जन्म पंचक में हुआ है। इसके लिए किसी विशेष पूजा पाठ और उपाय आदि की आवश्यकता नहीं है। पंचकों में जन्म होना कोई अशुभ नहीं होता।
      हर हर महादेव

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